Chanakya Quotes

chanakya

जानिए आचार्य चाणक्य ने मित्रों एवं सगे-संबंधियों के बारे में क्या कहा था

🔸चतुर्थोऽध्याय🔸 अपुत्रस्य गृहं शून्यं दिशः शून्यास्त्वबान्धवाः। मूर्खस्य हृदयं शून्यं सर्वशून्या दरिद्रता ॥१४॥ *🔸शब्दार्थ*  :— *अपुत्रस्य*= पुत्ररहित मनुष्य का *गृहम्*= घर...

जानिए आचार्य चाणक्य ने अभ्यास के महत्त्व के बारे में क्या कहा

जानिए आचार्य चाणक्य ने अभ्यास के महत्त्व के बारे में क्या कहा

🔸चतुर्थोऽध्याय🔸 अनभ्यासे  विषं  शास्त्रमजीर्णे  भोजनं  विषम्। दरिद्रस्य विषं गोष्ठी वृद्धस्य तरुणी विषम्॥१५॥ *🔸शब्दार्थ*  :— *अनभ्यासे*= बिना अभ्यास के *शास्त्रम्*= शास्त्र...

Recent Posts

Free Astrology Classes

Welcome Back!

Login to your account below

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Add New Playlist