सु जोक थेरेपी क्या है ?

डॉ. अनुपम ढवळे : सु’ का अर्थ है हाथ, ‘जोक’ का अर्थ पैर अर्थात ‘सुजोक’ में सिर्फ हाथ और पैर में चिकित्सा होती है।
सुजोक कई प्राकृतिक चिकित्साओं का सम्मिलित रूप है। इसके अंतर्गत एक्यूप्रेशर, कलर थेरेपी, सीड थेरेपी, मैग्नेट थेरेपी, मुद्रा मंत्र आदि सभी पद्धतियों का प्रयोग होता है। 
   इसमें व्यवहार किये जानेवाले एक्यूप्रेशर टूल्स अत्यंत सरल, इस्तेमाल में आसान व सस्ते हैं। बीज आपकी रसोई में दाल और मसाले हैं। आपके बगान के पौधों के पत्ते मैग्नेट के रूप में एक्यूपंक्चर किया जाता है। कलर थेरेपी में स्केच पेन का प्रयोग होता है। इसमें वायुमंडलीय ऊर्जा एवं सृष्टि की चार शक्तियों को चिकित्सा में हार्मोनाइज्ड किया जाता है। सुजोक से शारीरिक व मानसिक दोनों प्रकार के रोगों का इलाज होता है।
 
सु जोक थेरेपी से लाभ…
 
   सु जोक थेरेपी से आप स्वयं बिन्दुओं पर दबाव देकर अनेक रोग ठीक कर सकते है। कमर, घुटने, कंधे, कोहनी तथा सिरदर्द के अलावा अन्य कहीं किसी भी अंग पर दर्द होने की स्थिति में निश्चित बिन्दु ओं पर दबाव डालने से सहायता मिलती है।
 
  मन की उध्दिग्रता, क्रोध, बैचेनी, निराशा तथा ईर्ष्याे आदि को दूर करने में यह पध्दcति बहुत लाभदायकक है। एक्यूप्रेशर की सहायता से स्नायुओं को उत्तेजित करने में मदद मिलती है। इसकी सहायता से लोग पोलीयो, लकवा जैसे रोगों में भी बहुत राहत अनुभव कर सकते हैं।
 
इसे कौन सिख सकता है ?
 
   इसे सिखनेकी ईच्छा होनेवाला हर व्यक्ति सुजोक चिकित्सा सिख सकता है। जैसे कि छात्र, गृहिणी, अपने बच्चे के लिए गर्भवती महिला. विशेष रूप से व्यावसायिक चिकित्सक, प्राकृतिक चिकित्सक एक्यूप्रेशर चिकित्सक इस सीखने के द्वारा अपने रोगियों को लाभ प्रदान कर सकते हैं
 
इसमे डिग्री या किसी विशेष उम्र का बंधन नही।
 
इस कोर्स के साथ चिकित्सा की सभी सामग्री मुफ्त में दी जाएगी जैसे 
1) कोर्स के सभी नोट्स तथा चार्ट्स
2) मसाज के लिए जिम्मी
3) मसाज रिंग 
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5) सीड थेरेपी के लिए अलग अलग बीज

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