आखिर कौन है जो 2, 10 और 14 अप्रैल को भारत बंद करवाना चाहता है?

सोशल मीडिया में 2, 10 और 14 अप्रैल को बंद करवाने वाले हुए एक्सपोज़

भारत बंद को लेकर आपसे अपील, जरा विचार करें*आदरणीय मेरे भाईयो, 10 अप्रेल को फिर से सवर्ण व ओबीसी के नाम पर भारत बंद का आव्हान किया जा रहा है* वहीं 14 अप्रेल को भी चक्का जाम की पोस्ट फेसबुक पर आ रही है। दो अप्रेल को एससी एसटी की ओर से भारत बंद के आव्हान पर बंद करवाया गया। बंद में क्या हुआ यह तो आपको पता है। *लेकिन मुख्य मुद्दा यह है कि यह दोनो ही आव्हान किस संगठन, किस नेता, किस धर्माचार्य ने किए। इसका जबाव शायद कोई नहीं दे पाए* क्यों कि बंद की पोस्ट केवल सोशल मिडिया पर बिना किसी नाम के डाली गई है। *फेसबुक पर वाट्सअप पर किसी ने सोची समझ़ी चाल से देश को व हिन्दू संगठन को तोडऩे की कोशिश की जा रही है।* हमारे एससीएसटी के भाईयो के को आगे करके दो अपे्रल को बंद का सुरा छोड़ दिया और हमारे भाई बिना सेाचे समझ़े इसके पीछे लग गए। बंद के दिन भी आपस में लड़ाने का व आग में घी डालने के लिए हिन्दू देवी देवताओ को जूते मारने के पुराने विडियो वायरल किए गए ताकि हम आपस में ही भिड़ जाए। कुछ हद तक वे कामयाब रहे। *उनका पहला पासा कामयाब होने के तुंरत बाद ही दूसरा दाव भी देश को तोडऩे वालो ने चल दिया कि आरक्षण हटाओ देश बचाओ को लेकर सवर्ण व ओबीसी वर्ग अब 10 अप्रेल को भारत बंद करेगा ताकि बंद में फिर वही तोडफ़ोड़ हो और हमारे एससीएसटी के भाई सवर्णो से नफरत करने लगे और दोनो के बीच विरोध की खाई इतनी गहरी पैदा कर दी जाए कि वे एक दूसरे की जान के दुश्मन बन जाए।* दुश्मन हिन्दू मुस्लिम एकता को तोडक़र अब एक तीर से तीन निशाने साध रहा है। पहला- हिन्दू हिन्दू को आपस में लडाक़र कर बैर पैदा कर दे। दूसरा- हमारे एससीएसटी के भाईयो को सहानुभूति दिखाकर उनका इस्तेमाल कर सके। तीसरा- दंगा फसाद व तोड़ फोड़ करवाकर भारत को कमजोर कर सके।

*एक बात और हाल ही हिन्दू नववर्ष व रामनवमी पर देशभर में निकाली गई भगवा रैली और हिन्दुओ की प्रदर्शित एकता दुश्मनो को नागवार गुजरी* दुश्मन यह एकता देखकर बुरी तरह से घबरा गया शायद इसी की वजह से हिन्दूओ को किसी ने किसी बहाने भडक़ाकर तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।उनके पहले वार को तो हम समझ नहीं पाए और बिना किसी पुष्ठि व बिना सोचे समझे भारत बंद में कूद गए लेकिन अब हमे पूरी तरह से समझना है। *मेरे विचार से 10 अप्रेल के भारत बंद को हमे यहीं पर विराम देकर दुश्मनो को उनके मंसूबो में कामयाब नहीं होने देना है।*
*हमारे समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को बैठकर मनन करना चाहिए। सरकार, खूफिया तंत्र व आईटी सैल से भी अपील करता हैू कि वे दो अप्रेल व 10 अप्रेल फिर बंद तथा 14 अप्रेल को चक्कासजामकी सोशल मिडिया पर डाली गई पोस्ट की तहकीकात कर तह तक जाए ताकि वास्तविकता का पता लग सके।* एक बार पुन: सभी से अपील की वे जोश मे होश रखे और *दुश्मनो की 10 अप्रेल को भारत बंद की अपील को ठुकरा कर मुंहतोड़ जबाव दे* साथ ही दो अप्रेल को हुए जहां कही भी कोई मनमुटाव हुआ है तो आपस मे पुन: पहले से ज्यादा भाईचारा कायम करे। *ज्यादा अच्छा तो यह रहे कि हम सामाजिक समरसता को बढ़ावा देकर 14 अप्रैल को बाबा साहब की जयंती में सभी भाई सभी वर्ग सभी जाति बढ़ चढ़कर हिस्सा लें और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे।* कोई जानकारी या सुझाव हो तो अवश्य बताये

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