हिन्दू महिला पर गौतस्करों का हमला, क्या भारत में बहुसंख्यक होना अपराध है?

0
157

डॉ विवेक आर्य : बंगलोर, कर्नाटक में एक हिन्दू महिला पर गौतस्करों ने हमला कर दिया जब वह अवैध गौकशी के विरोध में पुलिस को लेकर उन्हें रोकने गई। उक्त महिला की गाड़ी पत्थर मार कर शांतिप्रिय लोगों ने तोड़ दी। उसके साथ बदसलूकी की। 100 लोगों की भीड़ ने उन्हें प्रताड़ित किया।

इस घटना के विरोध में

न किसी बुद्दिजीवी ने कोई अवार्ड वापिस किया।
न किसी संगठन ने कोई धरना प्रदर्शन हुआ।
न किसी मीडिया चैनल पर महिला के समर्थन में कोई चर्चा हुई।
न किसी अंग्रेजी अखबार में कोई लेख महिला के समर्थन में छापा गया।
न किसी मुख्यमंत्री ने कोई ईनाम या फ्लैट उक्त महिला को देने की घोषणा की।
न किसी पिंजरा तोड़ गैंग ने महिला के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
न किसी रोहिंग्या समर्थक वकील ने कोर्ट में याचिका डाली।
न किसी MP ने पत्र लिखकर संयुक्त राष्ट्र में इसकी शिकायत की।
न किसी सेक्युलर ने कोई आधिकारिक बयान दिया।

आखिर क्यों?

क्यूंकि महिला हिन्दू थी ,मामला गोरक्षा से जुड़ा था और अपराध करने वाले शान्तिप्रिय कौम से थे।

क्या वाकई में इस देश में बहुसंख्यक होना अपराध है?

सोचिये!!!

हिन्दू समाज जब तक जातिवाद, प्रांतवाद, भाषावाद और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर विभाजित रहेगा। तब तक उसके अधिकारों का इसी प्रकार से दमन होता रहेगा।

SHARE
Previous articleHC stays withdrawal of central forces from Darjeeling Hills
Next articleKilling of RSS leader is eighth murderous attack since 2016
We are a citizen journalism news Web site based in INDIA,that aims to put a human face on the news by showcasing vivid, first-person stories from individuals involved in current events. "We are driven by the belief that writing in the first person is more compelling than traditional journalism because it almost always requires the inclusion of personality. Third-person “he-said-she-said” reporting can mask the truth while making the reporter’s prejudice appear objective. "We invite ordinary people to tell their stories and photographs for free, letting readers vote on their favorites. The highest-rated stories star on the web site main pages, netting citizen journalists names high ratings and exposure on web search engines.

Leave a Reply