वाराणसी एक भयंकर साजिश

कुमार गिरीश , जयपुर : वाराणसी निर्माणाधीन पुल हादसे मैं मरने वालों को भावभीनी श्रद्धांजलि, मित्रों में इस हादसे को देख कर बहुत ही परेशान हूं और अंदर से हिल चुका हूं , और इसी प्रकार आप सभी बुरी तरह से हिल चुके होंगे परन्तु आज जब मैंने इसकी पूर्ण रूप से सच्चाई जानी तो मुझे लगा की कहीं यह एक बहुत बड़ी साजिश तो नहीं है, कुछ पॉइंट मैं आपके साथ सांझा कर रहा हूं शायद आप भी मेरी तरह यही सोचेंगे ….

अगर raw material खराब होता तो, बीम गिरने के बाद टूट जाती, लेकिन सेफ है…अगर support weak होता तो, सपोर्ट ( पाइप, पटरा , बल्ली ) सब निचे गिरा होता,,लेकिन केवल बीम ही पलटी है…
बीम को कालम के उपर आधा चढ़ाकर ढाला जाता है, अगर बीम गिरती है, कालम भी साथ में गिर जाना चाहिए, पर कालम तो जस का तस बिना टूटे फूटे खड़ा है.. बीम केवल सीधी सरिया लगाते है, अगर जोड़ होता है, तो screw या welding करते है,,और अगर बीम गिरेगा, तो सरिया खीचकर निचे की ओर मुड़ जाएगी,,पर कालम के उपर तो दो- तीन हाथ सरिया सीधी निकली है,,मतलब बीम में कटी हुई सरिया लगी थी…मतलब साफ है, बीम को ऐसा बनाया ही गया था, की जब जरूरत पड़े गीराया जा सके…

यह कोई accident नही बल्कि preplanned brutal killing है, इसमें उपर से निचे तक लोग बीके हुए है…सबसे अहम चीज, कोई भी न्यूज चैनल उस कालम को नही दिखा रहा, जिसके उपर बीम रखकर ढाली गयी थी…मेरे भाई एक बार जाके उन कालमो को देख लो समझ जाओगे हुआ क्या है…बस बीम की ढलाई से पहले सरिया बाधने वालो को पकड ले सब clear हो जायेगा…

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