मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विरोधियों के झूठ को बेनकाब किया

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चंडीगढ़, 19 जूनः राज्य की कमजोर वित्तीय स्थिति के बावजूद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज कई चुनाव वायदों को अमल में लाने का एलान किया जिनमें लघु और मध्यम किसानों के ऋृण माफी प्रमुख तौर पर शामिल हैं। 

टी हक के नेतृत्व में बने विषेषज्ञ ग्रुप द्वारा दी आरजी रिपोर्ट के आधार पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने छोटे और दरमियाने, 5 एकड़ तक वाले, किसानों का दो लाख रूप्ये तक का ऋृण माफ करने के साथ-साथ अन्य मध्यम किसानों के लिये भी 2 लाख रूप्ये की राहत की घोषणा भी की। उन्होंने आत्महत्याओं के मामलों में मौजूदा तीन लाख रूप्ये से बढ़ाकर माइक मदद 5 लाख रूप्ये करने का एलान भी किया। किसानों को निषुल्क बिजली जारी रखने का एलान करते हुये मुख्यमंत्री ने बड़े किसानों को अपील की कि वह स्वः इच्छा से सब्सिडी छोड़े और उन्होंने खुद तुरंत प्रभाव से अपने फार्मो को मिलती बिजली सब्सिडी छोड़ने का एलान भी किया। 

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बताया कि पंजाब पर 2, 08,051,96 करोड़ रूप्ये का भारी ऋृण उनकी सरकार को विरासत में मिला है, जिस संबंधी सदन में रखे ‘वाइट पेपर, में विस्तार से पता लगता है और यह संकट ऐसा है कि जिस संबंधी किसी ने कभी अनुमान या सोचा भी नही होगा।

राज्यपाल के भाषण पर बहस के दौरान अकाली-भाजपा सरकार को राज्य में पैदा हुये आर्थिक संकट के लिये कोसते हुये और कठोर शब्दों में जवाब देते हुये कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि विधानसभा में रखे ‘वाइट पेपर’ से गत् सरकार के समय वित्तीय कुप्रबंधों, नासमझी और विचारों की कंगाली के अतिरिक्त कारगुजारी भी साफ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को विरासत में खाली खजाना मिला और 31 मार्च, 2017 को वित्तीय घाटा 26,801 करोड़ रूप्ये था जिसमें 2016-17 के असल आंकड़ों के आने के बाद और बढ़ौतरी होगी। मुख्यमंत्री ने नये लोकपाल बिल का एलान करते हुये बताया कि ना केवल मंत्री और समूची अफसरषाही बल्कि वह स्वयं इसके घेरे में आते हैं। उन्होंने मीडिया की बिना किसी रोकटोक से संपूर्ण स्वतंत्रता का एलान भी किया। 

बेचैनी के षिकार अकालियों को बेआधार मुद्दों को उठाने पर कोसते हुये कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अकाली अपने राज में रेत खदानों की नीलामी में शामिल नेताओं के नामों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। अपने मंत्रीमंडल के साथी राणा गुरजीत सिंह के मामले में उन्होंने कहा कि बिना किसी हिचकिचाहट से उन्होंने न्यायिक आयोग स्थापित कर दिया जो दूध का दूध एवं पानी का पानी करने के लिये पहले ही जांच कर रहा है। 

सतलुज -यमुना नहर के मुद्दे पर अपनी सरकार की वचनबद्धता दोहराते हुये कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर इस नहर के निर्माण की आज्ञा नही देंगे क्योंकि राज्य के पास अतिरिक्त पानी नही है जो अन्य राज्यों से सांझा किया जा सके। उन्होंने कई अन्य पहलकदमियों का एलान करते हुये कहा कि राज्य के लोगों को दरपेष पानी से संबंधित समस्याओं का भी शीध्र हल किया जायेगा। सरकार द्वारा नषों विरूद्ध छेड़े युद्ध के साकारत्मक परिणामों संबंधी तथ्य पेष करते हुये मुख्यमंत्री ने विरोधी पक्षों को भी अपील की  िकवह इस जेहाद में सरकार का साथ दें। उन्होंने नषों के कारोबार में शामिल तत्वों को इस बुराई को छोड़ने या फिर कठोर कार्रवाई के लिये तैयार रहने को कहा। 

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट तौर पर कहा कि बेअदबी करके यदि राज्य की अमन शांति में कोई खलल पड़ेगा तो वह छोड़ा नही जायेगा। उन्होंने कहा कि गत् सरकार द्वारा सरकार के समय लोगों को गलत केसों में फंसाने वालों के विरूद्ध भी कठोर कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। विरोधियों द्वारा इन मसलों पर राज्य के लोगों को गुमराह करने की कोषिष की निंदा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन महीनों के कार्यकाल में केवल 13 बेअदबी से संबंधि तमामले सामने आये जिनमें से 12 को हल भी कर दिया गया। उन्होंने पंजाब पुलिस के कर्मचारियों का वेतन 13 से 12 महीने करने की अटकलों को भी मूल रूप से रद्द किया। 

जुलाई के अंत तक नई औद्योगिक नीति लेकर आने का एलान करते हुये मुख्यमंत्री ने मौजूदा और नये उद्योगों पर 5 रूप्ये प्रति यूनिट भी निष्चित करने का एलान किया। 

अकालियों के राज में फली-फूली ट्रक यूनियनें समाप्त करने का एलान करते हुये कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इससे परिवहन सिस्टम माफिया के चुंगल में से मुक्त होंगे। 

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