गोभक्त कृष्णानन्द की गोभक्ति

गो-गोपाल लीला धाम गोशाला
गोपुत्र कृष्णानंद, मिर्ज़ापुर के एक छोटे से गाव इंदी में हुवा पिता का नाम श्री दया राम शुक्ल एवम माता मालती शुक्ला थी
बचपन से शिवजी के भक्ति में लीन रहने वाले कृष्णानंद कई बार व्रत करने के कारण पिता जी के कोप का कारण भी हुए
2007 में विवाहोपरांत 2009 में पत्नी का त्याग कर दिया और समाज सेवा में लग गए
आगे चलकर अपना घर त्याग मुंबई रहने लगे मगर 2012 में एक स्वप्न  जिसमे गोमाता किसी साप के दौड़ाने के कारण आगे आगे भाग रही और कृष्णानंद साँप के पीछे दौड़ रहे गोमाता की रक्षा के लिए आगे चलकर गोमाता एक पीपल के वृक्ष के नीचे खड़ी होती है और गोबर करती है जो जमीन पर गिरते ही स्वर्ण का पहाड़ बन जाता है इस स्वप्न के कारण  उस समय चलरहे गोमाता के रक्षार्थ आंदोलन में मो फ़ैज़ से मिलकर खुद गोरक्शा का संकल्प लेकर खुद को गोमाता से जोड़ दिया
उसके बाद 22 दिसम्बर 2015 से गोरक्षा हेतु उज्जैन से काशी विश्वनाथ मंदिर तक एक हमे चाहिए गोहत्या मुक्त का संकल्प लेकर यात्रा सुरु की इस यात्रा में सहयोग देने वाले रवि कांत पांडेय, नीरज मिश्रा, चंद्र मणि दुबे,मनोज पांडेय, रितु दीक्षित, बुंदेलखंड बिकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राम कृष्ण कुसमरिया, मप्र सरकार में ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ला, राजेश शर्मा, सहदेव सिंह तोमर, अशोक शुक्ला, महेंद्र कुमार पांडेय,सत्यम पांडेय, राज यादव,केशव शुक्ला,इन्द्र कुमार मिश्रा, विभा दुबे,देवी चित्रलेखा,सहित सैकड़ों लोगों ने तन मन धन से यात्रा को सफल बनाने में सहयोग दिया,
यह यात्रा उज्जैन से मक्सी,शाजापुर, ब्यावरा,गुना,झाँसी, कानपुर, बाँदा,चित्रकूट, पन्ना, मैहर, रीवा, इलाहाबाद, जौनपुर ,भदोही ,मिर्ज़ापुर के रास्ते काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर भोले शंकर के दर्शन कर समाप्त हुआ
जिसके बाद कई जगहों की यात्रा जिसमे भोपाल से उज्जैन महाकुंभ की यात्रा, जयपुर से जिड माता मंदिर, द्वारकाधीश से सोमनाथ मंदिर की, यात्रा की, योगी आदित्यनाथ जी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए गोवर्धन पर्वत की ,एवम कामदगिरि की परिक्रमा की 
अबतक 5000 किमी की नङ्गे पैर कर गोहितार्थ लोगो को गोमाता की महिमा बताकर लोगो को गोरक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का काम कर रहे है
जिसको लेकर उन्हें धर्म सम्राट करपात्रि जी गोरत्न पुरस्कार दिया गया, साथ ही नेपाल में भी सम्मानित किया गया, उसके साथ साथ कई संस्थओं ने भी जगह जगह सम्मान किया

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One Comment on “गोभक्त कृष्णानन्द की गोभक्ति”

  1. Aadarniya Krishnanand ji ka prayas Prashansniy anukarniy hai. …prabhu unhe bahut samarthyawan rakhe jisse
    Gau ma ki seva anwarat ho
    Gobhakt awam Gau ma ko sadar pranam

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