31.5 C
Dehli,India
Wednesday, September 20, 2017

Chanakya

पढ़िये जीवन और मृत्यु से सम्बन्धित गूढ़ कथन को आचार्य चाणक्य...

दशमोऽध्याय आचार्य चाणक्य कहते हैं          एकवृक्षसमारूढा नाना वर्णा विहङ्गमाः। प्रभाते दिक्षु दशसु का तत्र परिवेदना॥१५॥ *शब्दार्थ*   :—  *नानावर्णाः*= विविध रंग और रूपों के *विहङ्गमाः*= पक्षी *एकवृक्ष-समारूढाः*= एक वृक्ष...